वास्तु उपाय -How to Remove Home Vastu dosh - Five Element Remedy

Vastu Shastra in hindi, How to Remove Home Vastu dosh, Vastu upay, Tips, Home, Isan Kon, Vayavya Kon, agni kone, vastu dosh nivaran, without any expenses, nivaran, ke karan, laxan, upay,  Five Element Remedy, North East,  Aagneya Kone, South East,  Neritya Kone, South West, North-West, bramha sthan, vastu dosh kaise dur kare, vastu correction for house 

 

 

Vastu dosh correction for house  - Five Element Remedy Tips

घर के वास्तु दोष निवारण के लिए पंच तत्व समाधान 

 हमारा शरीर पांच तत्वों से बना हुआ है - जल, अग्नि, आकाश, वायु और पृथ्वी. जब तक शरीर में सभी तत्वों का संतुलन बना रहता है, तब तक यह शरीर भी स्वस्थ्य रहता है. अर्थात् जब तक ये पांच तत्व शरीर में सही अनुपात में हो हम बीमार नहीं पड़ सकते है. इसी प्रकार हमारे घर के लिए भी यह सिद्धांत लागु होता है. अतः अगर हमें हमारे घर का वास्तु दोष हो तो उसके निवारण हेतु निम्न उपाय किये जा सकते है :-

    1. ईशान कोन (Isan Kone - North East) -(भू स्थान के उत्तर-पूर्व का कोना)-  वास्तु में ईशान कोन को भगवान का स्थान, वास्तु पुरुष का मस्तक बताया गया है. यह जितना ठंडा रहे उतना ही अच्छा है इसीलिए यहाँ पर जल तत्व का स्थान भी होता है. भूमिगत पानी का टैंक इसी कोन में बनना चाहिए और जल की निकासी भी इसी स्थान से होने चाहिए. जिस प्रकार हम अपने मस्तक पर किसी भी प्रकार का भार या बोझ नहीं रहने देते उसी प्रकार इस स्थान को हमेशा साफ़ सुथरा और भार विहीन रखना चाहिए. इस स्थान से सूर्य उदय के समय धुप सीधे घर में प्रवेश करना चाहिए. घर के बच्चों का कक्ष और मंदिर यहाँ बना सकते हैं.
    2. आग्नेय कोन ( Aagneya Kone - South East) ( भू स्थान के दक्षिण पूर्व का कोना) - यह कोन अग्नि तत्व का प्रतिक होता है, अतः यहाँ अग्नि देव का स्थान माना गया है.  इस कोन में रसोई घर बनना सर्वश्रेष्ट माना गया है. यहाँ पर गलती से भी जल स्थान नहीं बनाना चाहिए. किसी भी प्रकार की अग्नि से सम्बन्धित कार्य इसी स्थान पर होना चाहिए. अग्नि कोन यदि ठीक रहेगा तो हमारी पाचन शक्ति भी ठीक रहेगी, क्योंकि पेट में पाचन के लिए अग्नि तत्व की आवश्यकता रहती है.
    3. नेऋत्य कोण (Neritya Kone - South West)  (भू स्थान के दक्षिण-पश्चिम का कोना ) - यह कोना पृथ्वी तत्व का प्रतिक होता है. सभी पांचों तत्वों में पृथ्वी ही सबसे भारी है इसीलिए यह स्थान पुरे मकान में सबसे भारी होना चाहिए. मकान की छत पर भी इस स्थान को सबसे ऊँचा बनाना अतिलाभकारी होता है. इस स्थान का हल्का होना या नीचा होना एक बड़ा वास्तु दोष माना जाता है. यह स्थान घर के पितर देवों का भी होता है. इस स्थान पर घर के स्वर्गवासी परिवार जनों की तस्वीर लगनी चाहिए. Head of the Family अर्थात् घर के मुखिया का कक्ष इसी स्थान पर होना चाहिए.

 

 

13 Comments


  1. ramesh pal
    May 01,2016

    Namte sir Mujhe ek problem hai. Aagney kon pe bathroom ban gya hai Eska upay bataye

  2. soumitra bhattacharjee
    April 09,2016

    if north east land of house will be vacant than what happen

  3. soumitra bhattacharjee
    April 09,2016

    if north east land of house will be vacant than what happen

  4. Chhoturam bhamu
    March 21,2016

    aapne jo sujhav likha h bhut acha h

  5. Pinky Mishra
    February 24,2016

    Apne jo v likha wo bhut hi acha line h or Mai ye svi niyamo ka palan karungi

Leave a reply