Know Doors and Windows Position in the Home - Vastu Tips

 

जानें घर में दरवाजे व खिड़कियां की स्थिति वास्तु अनुसार ( Vastu Shastra Tips)

भवन में मुख्य प्रवेष द्वार (Main Gate) हमेशा ऊँचाई युक्त व सुन्दरता लिये होना चाहिए। उस पर सुन्दर फूल, पतिया व लताए, स्वास्तिक, श्री गणेश आदि अंकित किये हुए होने चाहिए व भवन के अन्दर कोई भी द्वार प्रवेशद्वार  के समान नहीं बनाना चाहिए।
भवन में जहां तक सम्भव हो सके दरवाजे (doors) व खिड़कियां (windows) उत्तरमुखी तथा पूर्व मुखी रखे जाने चाहिए तथा भवन में दरवाजें व खिड़कियां सम समख्या जैसे 2, 4, 6, 8, 12, 14, 16, 18 में होने चाहिए तथा भवन में अलमारियां दक्षिण या पष्चिम दिवारों में निर्मित की जानी चाहिए।
भवन में दरवाजें और खिड़कियां आयताकार या अर्द्ध चन्द्रकार आकार में निर्मित (बनानी जानी) कि जानी चाहिए। तथा दरवाजे व खिड़कियों कि लम्बाई चैड़ाई का अनुपात 2:1 का रखना चाहिए। जैसे दरवाजे कि चैड़ाई 3 फुट है तो उसकी ऊँचाई 6 फुट की जानी चाहिए
भवन के अन्दर दरवाजें खिड़कियों व अलमारियों कि ऊँचाई पर (सिलघर) एक समान ऊँचाई पर रखनी चाहिए।

भवन के मुख्य द्वार कि समय समय पर कलष, श्रीफल, पुष्प् आदि से इसकी शोभा बढ़ाते रहना चाहिए।

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