वास्तुशास्त्र के अनुसार घर में कक्ष निर्धारण - VaastuShastra


वास्तुशास्त्र के अनुसार 16 प्रकार के कक्ष का उनका निर्धारित स्थान

1. ईशान कोण उतर-पूर्व में पूजा स्थान
2. ईशान कोण व पूर्व दिषा के मध्य स्थान में - स्वागत कक्ष
3. पूर्व दिशा में - स्नान घर
4. पूर्व दिशा तथा आग्नेय कोण के मध्य स्थान में घृत, दधि मंथन स्थल
5. आग्नेय कोण में पाकशाला - रसोई
6. आग्नेय कोण तथा दक्षिण दिशा के मध्य स्थान में, घृत, तेल व पिसने का स्थान
7. दक्षिण दिशा में शयन कक्ष
8. दक्षिण दिशा तथा नैऋत्र्य कोण के मध्य स्थान में - शौचालय
9. नैऋत्र्य कोण में शस्त्र भण्डार
10. नैऋत्र्य कोण तथा पश्चिम दिशा के मध्य में - अध्ययन कक्ष
11. पश्चिम दिशा में - भोजन कक्ष
12. पश्चिम दिशा तथा वायव्य कोण के मध्य स्थान में - सभाकक्ष
13. वायव्य कोण में अन्न भण्डार या पशुघर
14. वायव्य कोण तथा उतर दिशा के मध्य स्थान में शयन कक्ष (रति क्रिडा स्थल)
15. उत्तर दिशा में धन संग्रह कक्ष
16. उत्तर दिशा तथा ईशान कोण के मध्य - औषधी गृह ।

 

 

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