Women's Rights in India in hindi - महिलाओं के अधिकार


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Women's Rights in India in hindi - महिलाओं के अधिकार 

आम तौर Women को अपने कुछ खास अधिकारो के बारे मे जानकारी नही होते है ऐसे मे उनका शोषण होता है भारतीय कानुन मे महिलाओं के कुछ ऐसे खास अधिकार है जिनको महिलाओ को जानना बेहत जरूरी होता है। 
चलिए जानते है उन खास अधिकारों के बारे मे 
1.    मुफ्त कानुनी सहायता:- शायद आपको पता नही होगा की लीगल सर्विसेज आथाॅरिटीज एक्ट 1987 के तहत अगर किसी भी महिला उसके साथ शारीरिक शोषण (female harassed ) का शिकार हो तो उसकों मुफ्त मे कानुनी सहायता का अधिकार प्राप्त होता है। जब अगर कोई महिला इस दौरान खुद के लिए अगर वकील को हायर करने मे आर्थिक तौर असमर्थ हो तो पुलिस अधिकारी को शहर की लीगल सर्विस आॅथोरिटी को उसके लिए वकील की व्यवस्था करने के लिए सूचना दी जाती है। 
2.    Women गवाह को पुलिस स्वतंत्रता:- भारतीय कानुन के तहत अगर कोई गवाह महिला है तो उसकें बयान के लिए उसको Police station नही बुलाया जा सकता हैै। वह अपने बयान को अपने घर पर ही दे सकती है इस दौरान उसके साथ कोई भी दबाव नही किया जा सकता है अगर वह महिला चाहे कि उसके साथ एक महिला पुलिस अधिकारी होनी चाहिए तो वह उसकी भी मांग कर सकती है। 
3.    नही होती सूर्यास्त के बाद गिरफ्तारी:- सुप्रीम कोर्ट के अनुसार अगर को महिला ने अपराध किया है तो उस महिला को सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले गिरफ्तार नही किया जा सकता है अगर ऐसे मे महिला के द्वारा को संगीन अपराध किया गया है तो केवल महिला पुलिस मजिस्ट्रेट से खास अनुमति लेकर उसकों गिरफ्तार कर सकती है। 
4.    अपनी पहचान को गुप्त रखने का अधिकार:- भरतीय दंड संहिता की धारा 228 ए के अनुसार सेक्सुअल एसाॅल्ट की षिकार हर महिला को अपनी पहचान गुप्त रखने का अधिकार है। मीडिया या पुलिस उस पर अपनी पहचान सार्वजनिक करने के लिए दबाव नही डाल सकती । कोई प्रकाशन अगर महिला की तस्वीर छाप दे तो उसे कैद की सजा हो सकती है। महिला अपना बयान मजिस्ट्रैट के समक्ष अकेली या किसी महिला अधिकारी की उपस्थिति मे दर्ज कर सकती है। 
5.    ईमेल के माध्यम से मान्य हो जायेगी एफआईआर:- कई कई बार ऐसा होता है कि महिला का शोषण होता है लेकिन किसी कारण से वह पुलिस को अपनी Problems के बारे मे नही बता पाती है तो ऐसे मे वह अपनी प्राथमिकी ईमेल या रजिस्टर्ड पोस्ट से भी किसी वरिश्ठ पुलिस अधिकारी को भेज सकती है। बाद मे वह अधिकारी थाने के इन चार्ज को complaint की जांच करने और एफआईआर लिखने के निर्देष भी  दे सकता है। 
6.    समान कार्यकुषलता के अनुसार Salary का अधिकार:- इक्वल रिम्यूनरेषन एक्ट 1976 के तहत अगर कोई भी महिला अगर कामकाजी हो तो उसे पुरूश के समान कार्य के अनुसार पगार का अधिकार होता है। अगर इस दौरान कोई महिला एक पुरूष के सामन पोस्ट पर हो तो इस दौरान उसके साथ पगार मे भेदभाव नही किया जा सकता है। 
7.    पैतृक संपति पर अधिकार (women's property rights in india):- हिंदू उत्तराधिकार एक्ट में एक संषोधन जो 2005 मे किया उसके अनुसार पिता की संपति पर जितना हक बेटों का होता है उतना ही कि बेटियों का भी होता है। 

13 Comments


  1. yasir khan saqlaini
    August 13,2017

    Women Rights ke bare me aapne jankari ache se di apne

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