हम क्यों करते है बड़ो के चरणस्पर्श ?

Bhartiya Parampara

बड़ो के पैर क्यों छूते है ? Why is touching the foot of the elders?

भारतवर्ष में स्वयं से बड़े व्यक्ति जैसे की माता-पिता, गुरुजनों और वृद्धों के रोज चरण स्पर्श करके आशीर्वाद लेने की परंपरा हजारों वर्षों से चली आ रही है. किन्तु आज पाश्च्यत सभ्यता के हावी होने से इसका निरंतर हास् हो रहा है. "हेल्लो - हाई" आदि शब्द भारतीय संस्कृति पर भारी पड़ते नजर आ रहे है.

पैर छूने का अर्थ है की पूरी श्रद्धा के साथ पूजनीय के आगे नतमस्तक होना. इससे एक तो  व्यक्ति विनम्र बनता है और दूसरा वह सामने वाले को भी प्रभावित करता है और इससे परस्पर नम्रता, आदर, और विनय के भाव जागृत होते है. यह एक प्रकार का सुक्ष्म व्यायाम भी है.

जब हम किसी भी व्यक्ति के पैर पड़ते है तो उनका हाथ हमारे सिर के उपरी भाग को तथा हमारा हाथ उनके चरण को स्पर्श करता है, माना जाता है की इससे उस पूजनीय व्यक्ति की सकारात्मक एनर्जी, आशीर्वाद के रूप में हमारे शरीर में प्रवेश करती है और इससे हमारा आध्यात्मिक तथा मानसिक विकास होता है.

ज्योतिष के अनुसार वृद्ध व्यक्तियों / गुरुजनों को वृहस्पति का रूप माना जाता है और देव गुरु वृहस्पति का आशीर्वाद मिलने से आपकी हर समस्या का समाधान स्वयं ही हो जाता है.

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