School Bag Weight - बच्चों में बढ़ते कमर दर्द की जड़ - भारी स्कूल बैग

 

बच्चों में बढ़ते कमर दर्द समस्या की मूल जड़ - भारी स्कूल बैग

स्कूल जाते हुए बच्चों को देखकर यह अनुभव होता है की जैसे वें केवल अपने स्कूल बैग में अपनी पुस्तकों, नोट बुक्स, पानी की बोतल, ज्यामिति बोक्स और टिफिन को रोज बाहर जबरदस्ती घुमाकर लाते होगें. आज काल ये एक फैसन जैसा भी है, की जितना बड़ा और भारी स्कूल बैग उतनी ही बढ़िया पढाई करवाने वाला विद्यालय होगा. क्या वास्तव में हमारी शिक्षा का स्तर इतना बढ़ गया है की इतने भारी भरकम भोझ के बिना पढाई कर पाना मुमकिन नहीं है. वास्तव में यह एक सोचने का विषय है. क्या हमारे देश के बड़े -2 शिक्षाविद इस बात के समय निकालेंगे की बच्चों को इस भार से मुक्ति कौन और कैसे दिला पायेगा.

इसके सबसे बड़े साइड इफ़ेक्ट के बारे में आपको बतलाना आवश्यक है, और वह है पीठ का दर्द. नन्ही सी जान और दुनिया भर का भार. इससे बच्चों की रीड की हड्डी पर भयानक प्रभाव पड़ता है, और वै कमर दर्द, कंधो के दर्द और थकान आदि से परेशान हो सकते है.

अपने स्कूल बैग पैक करने के लिए टिप्स

  • केवल जरुरत की कॉपी और पुस्तक को ही बैग में जगह दें.
  • बच्चों को ये सिखाया जाना चाहिये की स्कूल वैन में बैग को नीचे रखे.
  • अनावश्यक वस्तुओं का संग्रह स्कूल बैग में न होने दिया जाये.
  • अभिभावकों को अध्यापक और स्कूल प्रशासन से यह चर्चा करना नितांत आवश्यक है की जितनी जरुरत हो केवल उतना ही सामान बच्चे के स्कूल बैग में रखा जाये और शिक्षा के और नए रास्तों के बारे में विचार कर सकते है.

इन्हें भी पढ़ें 

संतान प्राप्ति - how to get a boy or Girl, Mantra - Putra Prapti ke saral Upay

Boy or Girl Marriage Problem Upay ( लड़के / लड़की के शीघ्र विवाह हेतु सरल उपाय)

क्या करें उपाय यदि उधार दिया पैसा न आये

 

Leave a reply