Swine Flu - स्वाइन फ्लू का लक्षण और उपाय

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Swine Flu - स्वाइन फ्लू का लक्षण और उपाय

 

पुरे भारत में Swine Flu से अब तक हजारों मामले स्वाइन फ्लू के सामने आयें है, जिसमे बहुत लोग अपनी जान गवां चुके है. ऐसे भयानक बीमारी से बचाव ही इसका पहला उपाय है.

स्वाइन फ्लू का कारण, लक्षण, बचाव, सावधानी और इलाज

सामान्यतः जानवरों को और पशुओं को होने वाली बीमारी जिसने की पुरे भारत में कोहराम मचा दिया उस बीमारी का नाम है - Swine flu पहले इसके वायरस के हमले कभी भी मनुष्यों को हानि नहीं पंहुचाते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं है. इस साल मानवों  में जो स्वाइन फ्लू का संक्रमण हुआ है, स्वाइन फ्लू का वायरस सूअर, मुर्गी और मनुष्यों में होने वाले इन्फ्लुएंजा के वायरसों के आपस में मिलने से उपजा है. फिलहाल इस वायरस के उपज का पता नहीं चल पाया हैं. इस बीमारी से बचाव सर्वप्रथम आवश्यक है और बड़ा ही आसन तरीका हम आपको बताने जा रहें है :-

 

आइये जानते है :- क्या है Swine Flu के लक्षण Laxan ? What are the symptoms

  • फीवर होना  / बुखार आना
  • सर्दी लगना
  • गले में दर्द हो जाना
  • मांसपेशियों और जॉइंट्स में दर्द होना
  • सिर में दर्द प्रतीत होना
  • खाँसीयां आना
  • शारीरिक को शक्तिहीन महसूस करना
  • उल्टियाँ आना,
  • डायर्र्हेया जैसे लक्षण इस बीमारी के दौरान उभरते हैं.

यदि उपरोक्त लक्षण किसी भी रोगी में पाए जाएँ तो तुरंत हो चिकित्सक से परामर्श लेवें.

कैसे बचें स्वाइन फ्लू से ? How to avoid Swine Flu?

    •  स्वाइन फ्लू के वायरस का मनुष्यों में संक्रमण श्वास के माध्यम से होता है, अर्थात यह एक प्रकार से वायु संक्रमित रोग है.
    • यदि कोई रोगी है तो उससे कम से कम पांच-छह फीट की दुरी बनाए रखें और उसके सम्पर्क में आने, छींकनें और खासने पर विशेष ध्यान देने चाहिए.
    • ऐसे किसी भी उपकरण या यंत्र को न छूयें, जो अन्य  के संपर्क में भी आता है, इससे ही वायरस संक्रमण और फैलता है.
    • किसी भी भीड़ भाड वाले स्थान जैसे हॉस्पिटल्स, मॉल, बस स्टैंड, सिनेमा हॉल, रेलवे स्टेशन आदि जगहों पर किसी भी गेट, या हैंडल आदि को छूकर केवल स्वयं की नाक पर हाथ लगाने भर से आप भी संक्रमित हो सकते हैं.
    • संक्रमित व्यक्ति से हाथ मिलाने या चूमने से आप भी संक्रमित हो सकते है.

क्या है स्वाइन फ्लू से बचने की सावधानियाँ ? What precautions to avoid Swine flu ?

  •  Swine flu बचने के हाथों को बार-बार साबुन या ऐसे किसी एंटी बायोटिक हैण्ड वाश से धोना जरूरी होता है जो वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकते हैं.
  • नाक और मुँह पर सेफेटी के लिए हमेशा मॉस्क या कपड़े / रुमाल आदि को मुंह और नाक पर रखना जरूरी होता है.
  • किसी भी भीड़ भाड वाले स्थान पर जाने से परहेज करें और जब जरूरत हो तभी केवल आम जगहों पर जाना चाहिए ताकि संक्रमण ना फैल सके.
  • यदि घर में किसी को भी यह बीमारी है तो केवल निर्धारित एक व्यक्ति को ही उसकी सेवा के लिए नियुक्त कर दें और वो भी उपरोक्त सेफ्टी फिचेर्स और सावधानी का विशेष ध्यान रखें.

क्या है स्वाइन फ्लू का इलाज ? What is the treatment of swine flu?

  • सर्वप्रथम H1N1 की टेस्टिंग करवानी चाहिए.
  • स्वाइन फ्लू के टेस्टिंग के बाद  "एंटीवायरल ड्रग" देना अतिआवश्यक होता है. इससे मरीज को तुरंत ही राहत मिल जाती है.
  • बिना विलंब किये  अनुभवी डॉक्टर की सलाह लेकर, अस्पताल में मरीज को एडमिट करवा देना चाहिए और तरल पेय पदार्थ भी पर्याप्त मात्रा में रोगी को देने चाहिए.

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