रामेश्वरम् ज्योतिर्लिंग - Rameshwaram Jyotirling Darshan, Tirth Yatra of Mahadev Temple, India

रामेश्वरम्  मंदिर प्रगाण मे दर्शनीय स्थल -  Rameshwaram Visitig Places

कुछ मुख्य स्थलों का वर्णन निम्न है-ः
1 भव्य नंदी मूर्ति: मंदिर के समक्ष एक बड़ी स्वर्ण मंडित स्तंभ है और उसी के निकट 13 फुट उंची, 8 फुट लंबी व 9 फुट चौड़ी श्वेत वर्ण नंदी की मुर्ति स्थापित है।
2 हनुमदीष्वर मंदिर: रामेष्वर मंदिर के पास ही श्री विष्वनाथ या हनुमदीष्वर मंदिर स्थापित किया गया हैं।
3 परिक्रमा पथ के मंदिर व अन्य स्थल: इस मंदिर का परीक्रमा पथ इतना विशाल व बड़ा है कि भारत के अन्य किसी मंदिर मे ऐसा परिक्रमा पथ नहीं हैं। इसी पथ पर अनेक मंदिर, मूर्तियां, बावड़ी तथा अनेक पवित्र कूप स्थित हैं। इनका वर्णन करना कठिन पर यात्री जानकारी हेतु प्रयास किया जा रहा हैं।
4 संपूर्ण तीर्थ: मंदिर के भीतर व बाहर कुल मिलाकर 64 तीर्थ हैं, पर उसमें 21 मंदिर के अंदर और तीन बाहर के हि महत्वपूर्ण माने जाते हैं-इसमें अग्नि तीर्थ-मंदिर के समक्ष समुद्र है, जब कि अगस्त्य तीर्थ समुद्र के किनारे एक छोटा सरोवर है। चक्र तीर्थ- दुसरी परिक्रमा पथ पर पूर्व की ओर एक बड़ा सरोवर है।, शेष 21 तीर्थ मुख्य मंदिर के परिक्रमा मार्ग के कुएं के रूप में स्थित हैं और ये हैं- सूर्य तीर्थ, चंद्र तीर्थ, गंगा तीर्थ, यमुना तीर्थ, सरस्वती तीर्थ, गया तीर्थ, षंख तीर्थ, गायत्री तीर्थ, माधव तीर्थ, नल तीर्थ, नील तीर्थ, गवय तीर्थ, गवाक्ष तीर्थ, गंधमादन तीर्थ, ब्रहा हत्या विमोचन तीर्थ, अम्रत तीर्थ, षिव तीर्थ, सावित्रि तीर्थ, महालक्ष्मी तीर्थ, सर्वतीर्थ व कोटि तीर्थ।
5 धनुश्कोटि:  मंदिर से बीस किलामीटर दुर है व मोटर बोट द्वारा पहुंचा जा सकता है, यही पवित्र राम सेतु स्थान है जहां पिंड़दान होता हैं।
 

रामेश्वरम् पर्यटन स्थल  (  Rameshwaram Turism )

आधुनिक समय मे रामेश्वरम् को धार्मिक स्थान के साथ ही पर्यटन केंद्र के रूप मे भी विकसीत किया है जिसके फलस्वरूप देश विदेश के लाखों पर्यटक यहां आने लगे हैं। मुख्य मंदिर के अलावा सागरतट, मंछलीपालन संस्थान और नजदिक गंधमादन पर्वत पर्यटकों के आर्कषण का केंद्र हैं। रामेश्वरम् मंदिर के पास और धनुश्कोटि में सागर स्नान का महत्व हैं। यात्रियों कर सुविधा के लिए यहां धर्मषालाओं के अलावा अनेक अतिथि-ग्रह और यात्रीनिवास हैं।

रामेश्वरम् यात्रा मार्ग  ( Rameshwaram Travel Route )

त्रिवेंद्रम-चेन्नई आदि स्थल वायु मार्ग से जुड़े हैं।
रेल मार्ग: रेल द्वारा चेन्नई से 666 किलोमीटर का सीधा मार्ग हैं। तमिलनाडु प्रदेश में प्रसिद्ध तीर्थनगर मदुरई से पौने दो सौ किलामीटर तक समुद्रतट के साथ-साथ रेल लाइन दक्षिण की ओर जाती हैं। जो भारत भूमि के दक्षिण छोर से सागर पर बने लंबे रेलपुल द्वारा मंड़पम् से होती हूई पबंन और रामेश्वरम पहुंचती है।
सड़क मार्ग: कन्याकुमारी की ओर से मंडपम् होकर सड़क मार्ग द्वारा रामेश्वरम पहुंचा जा सकता हैं। चेन्नई और त्रिवेंद्रम से पर्यटक बसें यात्रियों को लेकर जाती हैं।

ठहरने के स्थान ( Where to Stay in Rameshwaram Jyotirling)

यात्रियों को ठहरने के लिए यहां अनेक धर्मशालाएं, होटल, लाॅज, गेस्टहाउस आदि उपलब्ध हैं। यात्री अपनी सुविधा एंव सामथ्र्य के अनुसार इनमें से किसी का चयन कर सकते हैं।

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